"बैरागी रूह और मोहब्बत की नई रीत"

कहता तो था कि बैरागी, मुझ संग कोई कैसा प्रीत,,, जबसे मिला है वो, उसे ही हर रीत, उसे ही हर प्रीत।🌙

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