Badlav ka Dusra Naam: Waqt

वक़्त - 
पता है वक़्त क्या-क्या चीज़ होता है?
किसी को समय देना ही सिर्फ वक़्त नहीं होता,
वक़्त तो वो है जो हमें एक नए रूप में ढाल देता है।
जो ज़ख्मों को भर दे और हमें एक नई ज़िंदगी की ओर बढ़ाए।

कहते हैं वक़्त कीमती है, और वक़्त के साथ ढलना ही बेहतर है,
पर क्या हम वक़्त के साथ ढलते हैं, या वक़्त हमें खुद में समेट लेता है?

जो नामुमकिन लगे, वक़्त उसे भी मुमकिन कर दिखाता है,
और अगर हार मिले, तो वक़्त ही नए सिरे से लड़ने का हौसला जगाता है।

वक़्त से डरना कैसा? ये तो हार और जीत, दोनों का हमसफ़र है,
ये हमें वहाँ से थाम लेता है, जहाँ संभलने की कोई उम्मीद नहीं होती।

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